दोस्तों जैसा की आप सब जानते है कोरोना नाम की महामारी ने पुरे विश्व को अपनी चपेट में ले रखा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है.और कोरोना से जंग लड़ने के लिए हमें अपनी रोग प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करना होगा. हम अपनी जीवनशेली और खान पान में सुधार ला कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बना सकते है. आइये जानते है घर पर रहकर इसे कैसे सुधारना है


ओमेगा-3 फैटी एसिड:

ओमेगा-3.फैटी एसिड बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है। इनका स्रोत खड़ी दालें जैसे मोठ, लोबिया, मूंग.राजमा, छोले आदि। पूरे हफ्ते की भोजन योजना बनाते समय किसी समय में छोले और राजमा को जरूर शामिल करें। खड़ीदालों को अंकुरित करके खाएं. आजकल सबजी न मिलने की स्थिति में यह प्रक्रिया बहुत फायदे की रहेगी। अंकुरित दालों से आप खिचड़ी, चीला,बड़े भी बना सकते हैं। और तो और इन्हें पीसकर आटा मिलाकर पटाठे भी बन सकते है या मिर्च, नीबूया नमक के साथ चटनी भी बनाई जा सकती है।


विटामिन-सी:

विटामिन-सी खट्टे फलों में पाया जाता है। टमाटर, संतरे, आंवला, हरी मिर्च, नीबू विटामिन-सी के अच्छे स्रोत है। आंवले का किसी ने किसी रूप में रोजाना सेवन करें। इससे शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी मिलेगा, साथ ही साथ इससे खाने से प्राप्त होने वाला लौह लवण यानी आयरन शरीर में ढंग से अवशोषित हो जाएगा। और कुछ न भी मिले हरी मिर्च तो आसानी से उपलब्ध है और यह अच्छी मात्रा में विटामिन सी देती है।


विटामिट-डी:

शरीर में पर्याप्त विटामिन-डी रोगों से लड़ने की क्षमता देता है। इसके लिए प्रतिदिन 20 से 25 मिनट घर की बालकनी, छत में जहां धूप हो वहां इस तरह से खड़े हो जाये की धुप सीधे शरीर पैर आये।

सोशल डिस्टन्सिंग

संक्रमण से बचने के लिए आपने घर पर ही रहे और अपने हाथो को बार बार साबुन के साथ धोये और मास्क का प्रयोग करे ।

दिनचर्या दुरुस्त करनी होगी


हम घर पर हैं, तो जीवनचर्या का कुछ तय नहीं है। कुछ लोग देर रात तक जाग रहे हैं, सुबह देर से उठ रहे हैं, ठंडा भोजन खा रहे हैं। इस खराब दिनचर्या से कई परेशानियां हो सकती है जैसे अपच, कबज,खट्टी डकारें आदि। मधुमेह या हदय रोगियों की समस्या भी बढ़ सकती है। इस मुश्किल समय में खुद पर संयम रखना जरूरी है। न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक दबाव भी हम सब पर है।


स्वस्थ रहने के स्तम्भ

पर्याप्त और अच्छी नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। ऐसे में जब हम घर पर हैं, तो कोशिश होनी चाहिए कि हम रात में भरपूर नींद लें और सुबह जल्दी उठें। दिनचर्या को नियमित करने की कोशिश करें। सुबह जल्दी उठेंगे, तो रात को जल्दी नींद आएगी। नींद के नियमन से आप खुद को स्वस्थ, तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करेंगे। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। मधुमेह, मोटापे, इदय रोग और रक्तचाप के मरीजों को अपनी अवस्था नियंत्रित रखने के लिए भी पर्याप्त नींद जरूरी है।


सेहत के लिए पानी

स्वस्थ रहने के लिए दूसरी आवश्यक वस्तु है पर्याप्त मात्रा में पानी। कई बार एक ही जगह बैठे रहने, टीवी देखने आदि के कारण ज्यादा चलना नहीं हो पाता, इसलिए हो सकता है कि आपको प्यास भी कम लगे। पर इसका ये अर्थ नहीं है कि आप पानी न पिएं। गर्मी बढ़ रही है और पानी की जरूरत भी। शरीर की हर क्रिया के सुचारू रूप से चलने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है। पानी की कमी के कारण शरीर में अजीब-सी थकान और भारीपन महसूस हो सकता है, साथ ही आलस भी आ सकता है। जिन्हें गुर्दे या दिल की परेशानी है, वे अपने चिकित्सक की बताई गई मात्रा में ही तरल पदार्थ लें।


व्यायाम ही गतिविधि है

 लोक डाउन में  जब हम घर के अंदर हैं, तो किसी और गतिविधि की गुंजाइश नहीं है। योग या कोई और व्यायाम सीखे और करें, अपने आप इस समय कुछ नया न आजमाएं। मानसिक संतुलन
और संतुष्टि के लिए 10-15 मिनट आंखें बंद करके ध्यान जरूर लगाएं। मंत्र का जाप भी आपके मन को शांत रखेगा। सुबह-शाम दोनों समय 15-15 मिनट का व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखेगा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाएगा।


भोजन योजना


ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल न करें, जिन्हें पचाना मुश्किल होता हो.जैसे नूडल्स आदि। सुपाच्य, ऐशोदार और ताजा खाना खाएं। कुछ सुझाव है… सुबह चाय के साथ बिस्कुट के बजाय 5-6 बादाम,2-3 अखटोट लें,तो फायदेमंद होगा। मधुमेह की दिक्कत नहीं है तो इनके साथ अंजीर या खजूर ले सकते हैं।

खान पान

नाश्ते में प्रोटीन लें जैसे दूध और दलिया,दही और परांठा, अंकुरित दालें और उसके साथ पोहा या उपमा में एक वस्तु ले सकते है।

मौसमी फल संतरा, नरबज, खरबूज, पपीता ले सकते है। इनको 11 बजे के आसपास टीवी देखते.बैठे हुए या आराम करते वक़्त ले सकते है।

दोपहर के खाने में रोटी, चावल या दालिया के साथ रोज़ दही का सेवन करने की कोशिश करो चाहे तो उसने छोक लगा सकते है। भोजन में दाल अवश्य लो यदि दाल बनाने का मन न हो तो चार हिस्सा आटे में एक हिस्सा बेसन मिलाकर उसकी रोटी ले।

चाय के साथ कोई न कोई थोड़े-से स्नैक्स जैसे पोहा, उपमा लीजिए

शाम की चाय के साथ भुने चने, भुनी मूंगफली और मुटमरे का मिश्रण या पॉपकॉर्न ले सकते हैं। बेसन या दाल का चीला, अंकुरित दालों की चाट भी चाय के साथ ले सकते ही

रात का खाना सोने से 2 घंटे पहले खाएं रात में हल्का भोजन लीजिएा दाल, रोटी

अगर आप पहले से बीमार है या कोई दवाई ले रहे है तो अपने आहार विशेषज्ञ से सम्प्पर्क करे और उनके कहे अनुसार ही कार्य करे धन्यवाद

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